search
Q: अशोक मेहता समिति ने ‘‘पंचायती राज’’ के लिए किस प्रतिमान की संस्तुति की थी?
  • A. चार-स्तरीय
  • B. द्वि-स्तरीय
  • C. एक-स्तरीय
  • D. त्रि-स्तरीय
Correct Answer: Option B - 1977 में मोरार जी देसाई की सरकार ने अशोक मेहता की अध्यक्षता में एक समिति गठित की। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट 1978 में प्रस्तुत की। इसकी मुख्य सिफारिशें इस प्रकार है– (1) त्रि-स्तरीय पंचायती राज पद्धति को द्वि-स्तरीय पद्धति में बदलना चाहिए। (2) राज्य स्तर से नीचे लोक निरीक्षण में विकेन्द्रीकरण के लिए जिला ही प्रथम बिंदु होना चाहिए। (3) जिला परिषद कार्यकारी निकाय होना चाहिए और वह राज्य स्तर पर योजना और विकास के लिए जिम्मेदार बनाया जाये। (4) पंचायती चुनावों में सभी स्तर पर राजनीतिक पार्टियों की आधिकारिक भागीदारी हो।
B. 1977 में मोरार जी देसाई की सरकार ने अशोक मेहता की अध्यक्षता में एक समिति गठित की। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट 1978 में प्रस्तुत की। इसकी मुख्य सिफारिशें इस प्रकार है– (1) त्रि-स्तरीय पंचायती राज पद्धति को द्वि-स्तरीय पद्धति में बदलना चाहिए। (2) राज्य स्तर से नीचे लोक निरीक्षण में विकेन्द्रीकरण के लिए जिला ही प्रथम बिंदु होना चाहिए। (3) जिला परिषद कार्यकारी निकाय होना चाहिए और वह राज्य स्तर पर योजना और विकास के लिए जिम्मेदार बनाया जाये। (4) पंचायती चुनावों में सभी स्तर पर राजनीतिक पार्टियों की आधिकारिक भागीदारी हो।

Explanations:

1977 में मोरार जी देसाई की सरकार ने अशोक मेहता की अध्यक्षता में एक समिति गठित की। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट 1978 में प्रस्तुत की। इसकी मुख्य सिफारिशें इस प्रकार है– (1) त्रि-स्तरीय पंचायती राज पद्धति को द्वि-स्तरीय पद्धति में बदलना चाहिए। (2) राज्य स्तर से नीचे लोक निरीक्षण में विकेन्द्रीकरण के लिए जिला ही प्रथम बिंदु होना चाहिए। (3) जिला परिषद कार्यकारी निकाय होना चाहिए और वह राज्य स्तर पर योजना और विकास के लिए जिम्मेदार बनाया जाये। (4) पंचायती चुनावों में सभी स्तर पर राजनीतिक पार्टियों की आधिकारिक भागीदारी हो।