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Q: ‘हरये’ इत्यत्र सन्धिप्रयोजकं सूत्रमस्ति–
  • A. इको यणचि
  • B. एचोऽयवायाव:
  • C. लोप: शाकल्यस्य
  • D. एङ: पदान्तादति
Correct Answer: Option B - ‘हरये’ इत्यत्र सन्धिप्रयोजकं सूत्रम् ‘एचोऽयवायाव: अस्ति। ‘हरये’ इसमें सन्धिप्रयोजक सूत्र ‘एचोऽयवायाव:’ है। ‘एचोऽयवायाव:’- यदि ए, ओ, ऐ, औ के बाद कोई स्वर हो तो दोनों के स्थान पर क्रमश: अय्, अव्, आय्, आव् हो जाता है। यथा- हरये हरे + ए हर् अय् + ए = हरये शाकल्यस्य- नरा: हसन्ति, भो देवा: एङ: पदान्तादति- हरेऽव, लोकेऽस्मिन्।
B. ‘हरये’ इत्यत्र सन्धिप्रयोजकं सूत्रम् ‘एचोऽयवायाव: अस्ति। ‘हरये’ इसमें सन्धिप्रयोजक सूत्र ‘एचोऽयवायाव:’ है। ‘एचोऽयवायाव:’- यदि ए, ओ, ऐ, औ के बाद कोई स्वर हो तो दोनों के स्थान पर क्रमश: अय्, अव्, आय्, आव् हो जाता है। यथा- हरये हरे + ए हर् अय् + ए = हरये शाकल्यस्य- नरा: हसन्ति, भो देवा: एङ: पदान्तादति- हरेऽव, लोकेऽस्मिन्।

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‘हरये’ इत्यत्र सन्धिप्रयोजकं सूत्रम् ‘एचोऽयवायाव: अस्ति। ‘हरये’ इसमें सन्धिप्रयोजक सूत्र ‘एचोऽयवायाव:’ है। ‘एचोऽयवायाव:’- यदि ए, ओ, ऐ, औ के बाद कोई स्वर हो तो दोनों के स्थान पर क्रमश: अय्, अव्, आय्, आव् हो जाता है। यथा- हरये हरे + ए हर् अय् + ए = हरये शाकल्यस्य- नरा: हसन्ति, भो देवा: एङ: पदान्तादति- हरेऽव, लोकेऽस्मिन्।