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Q: C-50 वाली स्टील के एक कम्पोनेंट को 830°C पर गर्म किया जाता है, कुछ समय के लिए उसी तापमान पर रखा जाता है और तब तेल मे क्विञ्च कर दिया जाता है। इसे 600°C पर फिर से गर्म करके तेल में क्विञ्च कर दिया जाता है। हीट ट्रीटमेंट की इस विधि का नाम बताएं।
  • A. एनिलिंग
  • B. नार्मलाइजिंग
  • C. हार्डनिंग व टेंपरिंग
  • D. केस हार्डनिंग
Correct Answer: Option C - C-50 वाली स्टील के एक कम्पोनेंट को 830°C पर गर्म किया जाता है कुछ समय के लिए उसी तापमान पर रखा जाता है और तब तेल में क्विंच (Quiench) कर दिया जाता है इस विधि को हार्डनिंग कहते है। उसी स्टील को पुन: 600°C पर गर्म करके तेल में क्वेंच कर दिया जाता है। इस विधि को टेम्परिंग कहेंगे। C–50 का मतलब है, उस स्टील में कार्बन की मात्र 0.47 से 0.55% तक मौजुद है।
C. C-50 वाली स्टील के एक कम्पोनेंट को 830°C पर गर्म किया जाता है कुछ समय के लिए उसी तापमान पर रखा जाता है और तब तेल में क्विंच (Quiench) कर दिया जाता है इस विधि को हार्डनिंग कहते है। उसी स्टील को पुन: 600°C पर गर्म करके तेल में क्वेंच कर दिया जाता है। इस विधि को टेम्परिंग कहेंगे। C–50 का मतलब है, उस स्टील में कार्बन की मात्र 0.47 से 0.55% तक मौजुद है।

Explanations:

C-50 वाली स्टील के एक कम्पोनेंट को 830°C पर गर्म किया जाता है कुछ समय के लिए उसी तापमान पर रखा जाता है और तब तेल में क्विंच (Quiench) कर दिया जाता है इस विधि को हार्डनिंग कहते है। उसी स्टील को पुन: 600°C पर गर्म करके तेल में क्वेंच कर दिया जाता है। इस विधि को टेम्परिंग कहेंगे। C–50 का मतलब है, उस स्टील में कार्बन की मात्र 0.47 से 0.55% तक मौजुद है।