Correct Answer:
Option B - • हरिपुर पोस्टर का शीर्षक जमीन जोतने वाला या भारतीय किसान था।
• नन्दलाल बसु ने 1936-38 ई. में हरिपुरा पोस्टर बनाये, हरिपुरा कांग्रेस के पंडाल की साज-सज्जा में योगदान दिया।
• 1937 ई. में बसु ने ‘पैâजपुर कांग्रेस अधिवेशन’ में, मंच व तोरण की सज्जा किया।
• ‘पल्ली अधिवेशन’ में बसु ने ‘किसान जीवन’ का चित्रण किया।
• सन् 1916-17 ई. में नन्दलाल बोस ने ख्यातिनाम वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु के निमंत्रण पर कोलकाता के पैतृक निवास पर सुरेन्द्रनाथ के साथ मिलकर भित्तिचित्र बनाये। विज्ञान मन्दिर कोलकाता में भी भित्ति बनाये। सन् 1928 ई. में शान्तिनिकेतन में ‘हल कृष्ण उत्सव’ की स्मृति में इतावली भित्ति लेप चित्रशैली में एक विशाल भित्तिचित्र बनाया जो कि श्रद्धा, उत्साह और भारतीय ग्रामीण संस्कृति का परिचायक है।
• बसु को ओरियन्टल सोसाइटी ऑफ आर्ट्स द्वारा 500 रु. का पुरस्कार मिला था।
B. • हरिपुर पोस्टर का शीर्षक जमीन जोतने वाला या भारतीय किसान था।
• नन्दलाल बसु ने 1936-38 ई. में हरिपुरा पोस्टर बनाये, हरिपुरा कांग्रेस के पंडाल की साज-सज्जा में योगदान दिया।
• 1937 ई. में बसु ने ‘पैâजपुर कांग्रेस अधिवेशन’ में, मंच व तोरण की सज्जा किया।
• ‘पल्ली अधिवेशन’ में बसु ने ‘किसान जीवन’ का चित्रण किया।
• सन् 1916-17 ई. में नन्दलाल बोस ने ख्यातिनाम वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु के निमंत्रण पर कोलकाता के पैतृक निवास पर सुरेन्द्रनाथ के साथ मिलकर भित्तिचित्र बनाये। विज्ञान मन्दिर कोलकाता में भी भित्ति बनाये। सन् 1928 ई. में शान्तिनिकेतन में ‘हल कृष्ण उत्सव’ की स्मृति में इतावली भित्ति लेप चित्रशैली में एक विशाल भित्तिचित्र बनाया जो कि श्रद्धा, उत्साह और भारतीय ग्रामीण संस्कृति का परिचायक है।
• बसु को ओरियन्टल सोसाइटी ऑफ आर्ट्स द्वारा 500 रु. का पुरस्कार मिला था।