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Q: दुष्यन्तेन तिरस्कृत्य शकुन्तला कस्याश्रमे गता?
  • A. कण्वस्य
  • B. मातंगस्य
  • C. व्यासस्य
  • D. दुर्वासास्य
Correct Answer: Option B - दुष्यन्त से तिरस्कृत शकुन्तला मातंग ऋषि के आश्रम में गई थी। यह दुर्वाषा ऋषि के शाप का परिणाम था। दुष्यन्त के द्वारा तिरस्कृत कर दी गयी शकुन्तला महर्षि मतङ्ग ऋषि के आश्रम में चली जाती है। वहाँ पर पुत्र सर्वदमन (भरत) को जन्म देती है। राजा दुष्यन्त जब इन्द्रलोक में इन्द्र की सहायता हेतु युद्ध में जाते हैं तत्पश्चात् युद्ध समाप्त होने पर वह जब स्वर्गलोक से भूलोक को लौट रहे थे। उसी समय मतङ्ग ऋषि के आश्रम में पुन: शकुन्तला और दुष्यन्त का मिलन होता है।
B. दुष्यन्त से तिरस्कृत शकुन्तला मातंग ऋषि के आश्रम में गई थी। यह दुर्वाषा ऋषि के शाप का परिणाम था। दुष्यन्त के द्वारा तिरस्कृत कर दी गयी शकुन्तला महर्षि मतङ्ग ऋषि के आश्रम में चली जाती है। वहाँ पर पुत्र सर्वदमन (भरत) को जन्म देती है। राजा दुष्यन्त जब इन्द्रलोक में इन्द्र की सहायता हेतु युद्ध में जाते हैं तत्पश्चात् युद्ध समाप्त होने पर वह जब स्वर्गलोक से भूलोक को लौट रहे थे। उसी समय मतङ्ग ऋषि के आश्रम में पुन: शकुन्तला और दुष्यन्त का मिलन होता है।

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दुष्यन्त से तिरस्कृत शकुन्तला मातंग ऋषि के आश्रम में गई थी। यह दुर्वाषा ऋषि के शाप का परिणाम था। दुष्यन्त के द्वारा तिरस्कृत कर दी गयी शकुन्तला महर्षि मतङ्ग ऋषि के आश्रम में चली जाती है। वहाँ पर पुत्र सर्वदमन (भरत) को जन्म देती है। राजा दुष्यन्त जब इन्द्रलोक में इन्द्र की सहायता हेतु युद्ध में जाते हैं तत्पश्चात् युद्ध समाप्त होने पर वह जब स्वर्गलोक से भूलोक को लौट रहे थे। उसी समय मतङ्ग ऋषि के आश्रम में पुन: शकुन्तला और दुष्यन्त का मिलन होता है।