Correct Answer:
Option B - लेबिएटी (लेमिएसी) कुल में जायांग नाभिक वर्तिका (Gynobasic style) सर्सेरूल (Cercerule) फल तथा पुष्पक्रम (Inflorescense) कूटचक्रक अर्थात वटिसिलेस्टर (Verticillaster) होता है यह एक सघन द्विशाखी ससीमाक्ष (Dense dichasial cyme) होता है जिसमें लगभग वृतहीन पुष्पों के गुच्छे एक दूसरे के सम्मुख सहपत्रों (Bracts) अथवा प्रत्तियों के कक्षों में व्यवस्थित रहते हैं।
B. लेबिएटी (लेमिएसी) कुल में जायांग नाभिक वर्तिका (Gynobasic style) सर्सेरूल (Cercerule) फल तथा पुष्पक्रम (Inflorescense) कूटचक्रक अर्थात वटिसिलेस्टर (Verticillaster) होता है यह एक सघन द्विशाखी ससीमाक्ष (Dense dichasial cyme) होता है जिसमें लगभग वृतहीन पुष्पों के गुच्छे एक दूसरे के सम्मुख सहपत्रों (Bracts) अथवा प्रत्तियों के कक्षों में व्यवस्थित रहते हैं।