Correct Answer:
Option B - प्रश्नोक्त पंक्ति में वात्सल्य रस है। जब पुत्र शिष्यादि के प्रति स्वाभाविक स्नेह (प्रेम) भाव जागृत हो, तो वात्सल्य रस की निष्पत्ति होती है। ‘वत्सलता’ वात्सल्य रस का स्थायी भाव होता है। इस रस के प्रतिष्ठापक आचार्य विश्वनाथ है। अद्भुत रस का स्थायी भाव-विस्मय, रौद्र रस का स्थायीभाव क्रोध तथा भयानक रस का स्थायी भाव-भय है।
B. प्रश्नोक्त पंक्ति में वात्सल्य रस है। जब पुत्र शिष्यादि के प्रति स्वाभाविक स्नेह (प्रेम) भाव जागृत हो, तो वात्सल्य रस की निष्पत्ति होती है। ‘वत्सलता’ वात्सल्य रस का स्थायी भाव होता है। इस रस के प्रतिष्ठापक आचार्य विश्वनाथ है। अद्भुत रस का स्थायी भाव-विस्मय, रौद्र रस का स्थायीभाव क्रोध तथा भयानक रस का स्थायी भाव-भय है।