Correct Answer:
Option A - गोलू देवता का उद्भव स्थान उत्तराखण्ड के चम्पावत को माना जाता है। इन्हें ‘न्याय का देवता’ भी कहा जाता है। गोलू देवता अपने न्यायप्रिय स्वभाव एवं सभी की कामनाएँ पूर्ण करने के कारण विश्व प्रसिद्ध है। गोलू देवता को कत्यूरी राजवंश के राजा झालुराई की इकलौती संतान माना जाता है।
A. गोलू देवता का उद्भव स्थान उत्तराखण्ड के चम्पावत को माना जाता है। इन्हें ‘न्याय का देवता’ भी कहा जाता है। गोलू देवता अपने न्यायप्रिय स्वभाव एवं सभी की कामनाएँ पूर्ण करने के कारण विश्व प्रसिद्ध है। गोलू देवता को कत्यूरी राजवंश के राजा झालुराई की इकलौती संतान माना जाता है।