search
Q: ‘छायावाद का व्यक्ति स्वातन्त्र्य सामन्ती मर्यादाओं के विरुद्ध बहुत बड़ा कदम था।’ छायावाद संबंधी यह अभिमत–कथन इनमें से किस आलोचक का है?
  • A. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
  • B. डॉ० नंददुलारे बाजपेयी
  • C. डॉ० नामवर सिंह
  • D. डॉ० नगेन्द्र
Correct Answer: Option C - ‘छायावाद का व्यक्ति स्वातन्त्र्य सामन्ती मर्यादाओं के विरुद्ध बहुत बड़ा कदम था।’ छायावाद संबंधी यह कथन डॉ० नामवर सिंह का है। डॉ० नगेन्द्र– ‘‘छायावाद स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह है।’’ डॉ० नंददुलारे वाजपेयी– ‘‘मानव अथवा प्रकृति के सूक्ष्म, किन्तु व्यक्त सौन्दर्य में आध्यात्मिक छाया का भान मेरे विचार से छायावाद की सर्वमान्य व्याख्या हो सकती है।
C. ‘छायावाद का व्यक्ति स्वातन्त्र्य सामन्ती मर्यादाओं के विरुद्ध बहुत बड़ा कदम था।’ छायावाद संबंधी यह कथन डॉ० नामवर सिंह का है। डॉ० नगेन्द्र– ‘‘छायावाद स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह है।’’ डॉ० नंददुलारे वाजपेयी– ‘‘मानव अथवा प्रकृति के सूक्ष्म, किन्तु व्यक्त सौन्दर्य में आध्यात्मिक छाया का भान मेरे विचार से छायावाद की सर्वमान्य व्याख्या हो सकती है।

Explanations:

‘छायावाद का व्यक्ति स्वातन्त्र्य सामन्ती मर्यादाओं के विरुद्ध बहुत बड़ा कदम था।’ छायावाद संबंधी यह कथन डॉ० नामवर सिंह का है। डॉ० नगेन्द्र– ‘‘छायावाद स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह है।’’ डॉ० नंददुलारे वाजपेयी– ‘‘मानव अथवा प्रकृति के सूक्ष्म, किन्तु व्यक्त सौन्दर्य में आध्यात्मिक छाया का भान मेरे विचार से छायावाद की सर्वमान्य व्याख्या हो सकती है।