Correct Answer:
Option A - कामता प्रसाद गुरु ने व्युत्पत्ति के अनुसार सार्वनामिक विशेषण के दो भेद माने है।
सार्वनामिक विशेषण:- पुरुष वाचक और निजवाचक सर्वनामों को छोड़कर शेष सर्वनामों का प्रयोग विशेषण के समान होता है। जब ये शब्द अकेले आते है तब सर्वनाम होते है और जब इनके साथ संज्ञा आती है तब ये विशेषक होते है। जैसे- वह बाहर खड़ा है।, नौकर आया।
⇒ सार्वनामिक विशेषण व्युत्पत्ति के अनुसार दो प्रकार के होते हैं-
1. मूल सर्वनाम:- जो बिना किसी रूपान्तर के संज्ञा के साथ आते हैं। जैसे- वह लड़का, वह घर, कोई नौकर इत्यादि।
2. यौगिक सर्वनाम:- जो मूल सर्वनामों में प्रत्यय लगाने से बनते है और संज्ञा के साथ आते है, जैसे- ऐसा आदमी, कैसा घर आदि।
A. कामता प्रसाद गुरु ने व्युत्पत्ति के अनुसार सार्वनामिक विशेषण के दो भेद माने है।
सार्वनामिक विशेषण:- पुरुष वाचक और निजवाचक सर्वनामों को छोड़कर शेष सर्वनामों का प्रयोग विशेषण के समान होता है। जब ये शब्द अकेले आते है तब सर्वनाम होते है और जब इनके साथ संज्ञा आती है तब ये विशेषक होते है। जैसे- वह बाहर खड़ा है।, नौकर आया।
⇒ सार्वनामिक विशेषण व्युत्पत्ति के अनुसार दो प्रकार के होते हैं-
1. मूल सर्वनाम:- जो बिना किसी रूपान्तर के संज्ञा के साथ आते हैं। जैसे- वह लड़का, वह घर, कोई नौकर इत्यादि।
2. यौगिक सर्वनाम:- जो मूल सर्वनामों में प्रत्यय लगाने से बनते है और संज्ञा के साथ आते है, जैसे- ऐसा आदमी, कैसा घर आदि।