Correct Answer:
Option B - मनुष्याणां देहस्य शत्रु: आलस्यम्। ‘आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महारिपु:। आलस्य मनुष्य के देह में रहने वाला महान शत्रु है। आलस्य का अर्थ है- कार्य न करने की प्रवृत्ति, अकर्मण्यता आलस्य मनुष्य के शरीर में ही रहता है और उसका सबसे महान शत्रु है। यह वह दुर्गुण है जो मनुष्य को पतन की ओर उन्मुख करता है।
B. मनुष्याणां देहस्य शत्रु: आलस्यम्। ‘आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महारिपु:। आलस्य मनुष्य के देह में रहने वाला महान शत्रु है। आलस्य का अर्थ है- कार्य न करने की प्रवृत्ति, अकर्मण्यता आलस्य मनुष्य के शरीर में ही रहता है और उसका सबसे महान शत्रु है। यह वह दुर्गुण है जो मनुष्य को पतन की ओर उन्मुख करता है।