Correct Answer:
Option D - चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र, जिसमें चुम्बक का प्रभाव का अनुभव किया जाता हैं, चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है। चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चुम्बकीय कम्पास सूई से निर्धारित की जाती है। चुम्बकीय क्षेत्र का मात्रक गौस और टेस्ला (T) या बेवर/मी.² होता है।
D. चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र, जिसमें चुम्बक का प्रभाव का अनुभव किया जाता हैं, चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है। चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चुम्बकीय कम्पास सूई से निर्धारित की जाती है। चुम्बकीय क्षेत्र का मात्रक गौस और टेस्ला (T) या बेवर/मी.² होता है।