Correct Answer:
Option A - अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश का दूसरा शासक था। ‘अलाउद्दीन खिलजी’ खिलजी वंश का प्रथम सुल्तान था जिसने भूराजस्व तथा सैन्य क्षेत्र में बहु-आयामी सुधार किया। अलाउद्दीन खिलजी ने वास्तविक उपज के आधार पर लगान की राशि निश्चित की। इसने कृषि पर कर के तहत भू राजस्व की दर को उपज का 1 /2 भाग कर दिया। अलाउद्दीन खिलजी ने दो नये कर लगाए। पहला ‘चराई कर’ जो दुधारू पशुओं पर लगाया जाता था तथा ‘गढ़ी कर’ जो घरों (आवास) एवं झोपड़ी पर लगाया जाता था।
A. अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश का दूसरा शासक था। ‘अलाउद्दीन खिलजी’ खिलजी वंश का प्रथम सुल्तान था जिसने भूराजस्व तथा सैन्य क्षेत्र में बहु-आयामी सुधार किया। अलाउद्दीन खिलजी ने वास्तविक उपज के आधार पर लगान की राशि निश्चित की। इसने कृषि पर कर के तहत भू राजस्व की दर को उपज का 1 /2 भाग कर दिया। अलाउद्दीन खिलजी ने दो नये कर लगाए। पहला ‘चराई कर’ जो दुधारू पशुओं पर लगाया जाता था तथा ‘गढ़ी कर’ जो घरों (आवास) एवं झोपड़ी पर लगाया जाता था।