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Q: Which of the following is the role of a teacher in construction of student's knowledge? निम्नलिखित में से कौन सी एक छात्र के ज्ञान के निर्माण में शिक्षक की भूमिका है ? I. Providing authentic work I. प्रामाणिक कार्य प्रदान करना। II. Encouraging them to ask intelligent questions. II. उन्हें बुद्धिमान प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करना। III. Promotion of best practices. III. सविमर्ष अभ्यास को बढ़ावा देना।
  • A. I and II/I तथा II
  • B. I, II and III/I, II तथा III
  • C. Only III/केवल III
  • D. Only I/केवल I
Correct Answer: Option B - एक छात्र के ज्ञान के निर्माण में अध्यापक की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है वह एक पथप्रदर्शक के रूप में कार्य करता है। अध्यापक को परिस्थितियों के अनुसार अनेक कार्य करने पड़ते हैं। उनको वह लगन से कर सकता है अथवा उपेक्षा की दृष्टि से, किन्तु शिक्षक से यह आशा की जाती है कि वह निम्न कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगे– 1. छात्रों का शैक्षिक एवं चारित्रिक विकास करना। 2. प्रमाणिक कार्य प्रदान करना। 3. कक्षा का प्रबंध एवं समुचित शिक्षण देना। 4. उन्हें बुद्धिमान प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करना। 5. छात्रों का व्यावसायिक विकास करना। 6. सविमर्ष अभ्यास को बढ़ावा देना। 7. सामाजिकता एवं नागरिकता की शिक्षा देना आदि।
B. एक छात्र के ज्ञान के निर्माण में अध्यापक की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है वह एक पथप्रदर्शक के रूप में कार्य करता है। अध्यापक को परिस्थितियों के अनुसार अनेक कार्य करने पड़ते हैं। उनको वह लगन से कर सकता है अथवा उपेक्षा की दृष्टि से, किन्तु शिक्षक से यह आशा की जाती है कि वह निम्न कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगे– 1. छात्रों का शैक्षिक एवं चारित्रिक विकास करना। 2. प्रमाणिक कार्य प्रदान करना। 3. कक्षा का प्रबंध एवं समुचित शिक्षण देना। 4. उन्हें बुद्धिमान प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करना। 5. छात्रों का व्यावसायिक विकास करना। 6. सविमर्ष अभ्यास को बढ़ावा देना। 7. सामाजिकता एवं नागरिकता की शिक्षा देना आदि।

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एक छात्र के ज्ञान के निर्माण में अध्यापक की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है वह एक पथप्रदर्शक के रूप में कार्य करता है। अध्यापक को परिस्थितियों के अनुसार अनेक कार्य करने पड़ते हैं। उनको वह लगन से कर सकता है अथवा उपेक्षा की दृष्टि से, किन्तु शिक्षक से यह आशा की जाती है कि वह निम्न कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगे– 1. छात्रों का शैक्षिक एवं चारित्रिक विकास करना। 2. प्रमाणिक कार्य प्रदान करना। 3. कक्षा का प्रबंध एवं समुचित शिक्षण देना। 4. उन्हें बुद्धिमान प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करना। 5. छात्रों का व्यावसायिक विकास करना। 6. सविमर्ष अभ्यास को बढ़ावा देना। 7. सामाजिकता एवं नागरिकता की शिक्षा देना आदि।