Correct Answer:
Option C - महाकवि भारवि के वचन को महामहिम मल्लिनाथ ने नारिकेलफल के समान कहा है, जैसे -----
‘‘नारिकेलफलसम्मितं वचो, भारवे: सपदि तद् विभज्यते।
स्वादयन्तु रसगर्भनिर्भरं, सारमस्य रसिका यथेप्सितम्।।
C. महाकवि भारवि के वचन को महामहिम मल्लिनाथ ने नारिकेलफल के समान कहा है, जैसे -----
‘‘नारिकेलफलसम्मितं वचो, भारवे: सपदि तद् विभज्यते।
स्वादयन्तु रसगर्भनिर्भरं, सारमस्य रसिका यथेप्सितम्।।