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Q: भारतीय चित्रकला के षड़गों का सही क्रम पहचानिये:-
  • A. रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना
  • B. प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, रूपभेद
  • C. भाव, लावण्ययोजना, प्रमाण, रूपभेद
  • D. लावण्ययोजना, प्रमाण, भाव, रूपभेद
Correct Answer: Option A - जयपुर के ‘राजा जयसिंह प्रथम’ की सभा के विख्यात विद्वान राजपुरोहित पण्डित यशोधरा’ ने 11वीं शताब्दी में कामसूत्र की टीका ‘जयमंगला’ नाम से यशोधरा ने आलेख्य (चित्रकला) के छ: अंग बताये हैं। रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, सादृश्य विर्णिका भंग।
A. जयपुर के ‘राजा जयसिंह प्रथम’ की सभा के विख्यात विद्वान राजपुरोहित पण्डित यशोधरा’ ने 11वीं शताब्दी में कामसूत्र की टीका ‘जयमंगला’ नाम से यशोधरा ने आलेख्य (चित्रकला) के छ: अंग बताये हैं। रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, सादृश्य विर्णिका भंग।

Explanations:

जयपुर के ‘राजा जयसिंह प्रथम’ की सभा के विख्यात विद्वान राजपुरोहित पण्डित यशोधरा’ ने 11वीं शताब्दी में कामसूत्र की टीका ‘जयमंगला’ नाम से यशोधरा ने आलेख्य (चित्रकला) के छ: अंग बताये हैं। रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्ययोजना, सादृश्य विर्णिका भंग।