Correct Answer:
Option B - स्वर उन वर्णों को कहते है जिनका उच्चारण बिना अवरोध अथवा विघ्न बाधा के होता है। इनके उच्चारण में किसी दूसरे वर्ण की सहायता नही ली जाती है ये सभी स्वतन्त्र हैं। इनके उच्चारण में भीतर से आती हुई वायु मुख से निर्बाध रूप से निकलती है। हिन्दी में स्वर की संख्या ग्यारह है।
B. स्वर उन वर्णों को कहते है जिनका उच्चारण बिना अवरोध अथवा विघ्न बाधा के होता है। इनके उच्चारण में किसी दूसरे वर्ण की सहायता नही ली जाती है ये सभी स्वतन्त्र हैं। इनके उच्चारण में भीतर से आती हुई वायु मुख से निर्बाध रूप से निकलती है। हिन्दी में स्वर की संख्या ग्यारह है।