Correct Answer:
Option B - क्षारीय मृदाओं के लिए क्षारीय लक्षणों का अत्यधिक मात्रा में होना फसलों के लिए उपयुक्त नहीं होता है। उपजाऊ भूमि के लिए pH का मान 7 के आसपास होना चाहिए। क्षारीय लवणों वाली भूमि का pH मान 7 से अधिक होता है। अत: क्षारीय मृदाओं को कृषि योग्य बनाने के लिए निक्षालन तथा जिप्सम मिलाकर सुधार किया जाता है।
∎ जिप्सम (CaSO₄.2H₂O) एक तलछट खनिज है और क्षारीय मृदा के उपचार के लिए महत्वपूर्ण यौगिक माना जाता है।
∎ लीचिंग (Leaching) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा मृदा में विद्यमान घुलनशील संघटक पानी में घुल जाते हैं और रिसते हुए पानी के साथ मृदा में से होकर नीचे के स्तरों में पहुँच जाते हैं।
B. क्षारीय मृदाओं के लिए क्षारीय लक्षणों का अत्यधिक मात्रा में होना फसलों के लिए उपयुक्त नहीं होता है। उपजाऊ भूमि के लिए pH का मान 7 के आसपास होना चाहिए। क्षारीय लवणों वाली भूमि का pH मान 7 से अधिक होता है। अत: क्षारीय मृदाओं को कृषि योग्य बनाने के लिए निक्षालन तथा जिप्सम मिलाकर सुधार किया जाता है।
∎ जिप्सम (CaSO₄.2H₂O) एक तलछट खनिज है और क्षारीय मृदा के उपचार के लिए महत्वपूर्ण यौगिक माना जाता है।
∎ लीचिंग (Leaching) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा मृदा में विद्यमान घुलनशील संघटक पानी में घुल जाते हैं और रिसते हुए पानी के साथ मृदा में से होकर नीचे के स्तरों में पहुँच जाते हैं।