Correct Answer:
Option D - चन्दबरदाई महाराज पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि थे। चन्द्रवरदायी ने अपने आश्रयदाता पृथ्वीराज चौहान के जीवन और उपलब्धियों पर ``पृथ्वीराज रासो'' नामक काव्य ग्रंथ में शौर्य, वीरता, पराक्रम का अंकन किया और जयचन्द को देशद्रोही के रूप में प्रस्तुत किया। जबकि जगनिक ने `आल्हखण्ड' (परमाल रासो) नामक काव्यग्रंथ की रचना की है।
D. चन्दबरदाई महाराज पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि थे। चन्द्रवरदायी ने अपने आश्रयदाता पृथ्वीराज चौहान के जीवन और उपलब्धियों पर ``पृथ्वीराज रासो'' नामक काव्य ग्रंथ में शौर्य, वीरता, पराक्रम का अंकन किया और जयचन्द को देशद्रोही के रूप में प्रस्तुत किया। जबकि जगनिक ने `आल्हखण्ड' (परमाल रासो) नामक काव्यग्रंथ की रचना की है।