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Q: संस्कृतपाठ्यक्रमे संवादलेखस्य मूलोद्देश: अस्ति
  • A. व्याकरणपरिशुद्धता
  • B. संप्रेषणकौशलानि
  • C. सृजनात्मकक्षमता
  • D. गतिलेखनम्
Correct Answer: Option A - संस्कृत पाठ्यक्रम में संवादलेख का मूल उद्देश्य– व्याकरण परिशुद्धता होता है। संप्रेषण का अर्थ एक-दूसरे के बीच में चलने वाली वार्ता। सृजनात्मकता का अर्थ सृजन करने वाली आत्मकता। गतिलेखनम् का अर्थ गति में लेखन।
A. संस्कृत पाठ्यक्रम में संवादलेख का मूल उद्देश्य– व्याकरण परिशुद्धता होता है। संप्रेषण का अर्थ एक-दूसरे के बीच में चलने वाली वार्ता। सृजनात्मकता का अर्थ सृजन करने वाली आत्मकता। गतिलेखनम् का अर्थ गति में लेखन।

Explanations:

संस्कृत पाठ्यक्रम में संवादलेख का मूल उद्देश्य– व्याकरण परिशुद्धता होता है। संप्रेषण का अर्थ एक-दूसरे के बीच में चलने वाली वार्ता। सृजनात्मकता का अर्थ सृजन करने वाली आत्मकता। गतिलेखनम् का अर्थ गति में लेखन।