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Q: ‘बिहारी’ के प्रसिद्ध है-
  • A. कवित
  • B. सवैया
  • C. पद
  • D. दोहा
Correct Answer: Option D - बिहारी रीतिकाल के रीतिसिद्ध काव्य धारा के एक मात्र कवि हैं। जिन्होंने केवल एक रचना ‘बिहारी सतसई’ (दोहा छन्द में) की है। बिहारी सतसई की भाषा परिनिष्ठित साहित्यिक ब्रजभाषा है। इसमें दोहों की संख्या 719 है। बिहारी निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षित, इसके पिता केशवदास तथा गुरू नरहरिदास थे बिहारी महाराजा जय सिंह के आश्रय में थे।
D. बिहारी रीतिकाल के रीतिसिद्ध काव्य धारा के एक मात्र कवि हैं। जिन्होंने केवल एक रचना ‘बिहारी सतसई’ (दोहा छन्द में) की है। बिहारी सतसई की भाषा परिनिष्ठित साहित्यिक ब्रजभाषा है। इसमें दोहों की संख्या 719 है। बिहारी निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षित, इसके पिता केशवदास तथा गुरू नरहरिदास थे बिहारी महाराजा जय सिंह के आश्रय में थे।

Explanations:

बिहारी रीतिकाल के रीतिसिद्ध काव्य धारा के एक मात्र कवि हैं। जिन्होंने केवल एक रचना ‘बिहारी सतसई’ (दोहा छन्द में) की है। बिहारी सतसई की भाषा परिनिष्ठित साहित्यिक ब्रजभाषा है। इसमें दोहों की संख्या 719 है। बिहारी निम्बार्क सम्प्रदाय में दीक्षित, इसके पिता केशवदास तथा गुरू नरहरिदास थे बिहारी महाराजा जय सिंह के आश्रय में थे।