Correct Answer:
Option B - अमीर खुसरो प्रसिद्ध सूफी संत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। निजामुद्दीन औलिया ने अमीर खुसरो को ‘तुतिए-हिंद’ की उपाधि से विभूषित किया था। अमीर खुसरो का जन्म 1253 ई. में पटियाली (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनका पूरा नाम अबुल हसन यामीन-उद्दीन खुसरो था। इन्होंने दिल्ली के 8 सुल्तानों का कार्यकाल देखा था। बलबन के पुत्र शाहजादा मुहम्मद के समय में अपना साहित्यिक जीवन प्रारम्भ किया था। इनकी प्रमुख रचनाएं निम्नवत् हैं- मसनवी, दीवान, किरान-उस-सादेन, मिफ्ताह-उल-फुतुह, नूह सिपेहर, आशिक, तुगलकनामा, खजाइन-उल-फुतुह।
B. अमीर खुसरो प्रसिद्ध सूफी संत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। निजामुद्दीन औलिया ने अमीर खुसरो को ‘तुतिए-हिंद’ की उपाधि से विभूषित किया था। अमीर खुसरो का जन्म 1253 ई. में पटियाली (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनका पूरा नाम अबुल हसन यामीन-उद्दीन खुसरो था। इन्होंने दिल्ली के 8 सुल्तानों का कार्यकाल देखा था। बलबन के पुत्र शाहजादा मुहम्मद के समय में अपना साहित्यिक जीवन प्रारम्भ किया था। इनकी प्रमुख रचनाएं निम्नवत् हैं- मसनवी, दीवान, किरान-उस-सादेन, मिफ्ताह-उल-फुतुह, नूह सिपेहर, आशिक, तुगलकनामा, खजाइन-उल-फुतुह।