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Q: निम्नलिखित किसके लिए ‘तुतिए-हिन्द’ उपनाम का प्रयोग किया गया था?
  • A. जियाउद्दीन बरनी
  • B. अमीर खुसरो
  • C. याहिया बिन अहमद सिरहिन्दी
  • D. शहाबुद्दीन अहमद
Correct Answer: Option B - अमीर खुसरो प्रसिद्ध सूफी संत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। निजामुद्दीन औलिया ने अमीर खुसरो को ‘तुतिए-हिंद’ की उपाधि से विभूषित किया था। अमीर खुसरो का जन्म 1253 ई. में पटियाली (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनका पूरा नाम अबुल हसन यामीन-उद्दीन खुसरो था। इन्होंने दिल्ली के 8 सुल्तानों का कार्यकाल देखा था। बलबन के पुत्र शाहजादा मुहम्मद के समय में अपना साहित्यिक जीवन प्रारम्भ किया था। इनकी प्रमुख रचनाएं निम्नवत् हैं- मसनवी, दीवान, किरान-उस-सादेन, मिफ्ताह-उल-फुतुह, नूह सिपेहर, आशिक, तुगलकनामा, खजाइन-उल-फुतुह।
B. अमीर खुसरो प्रसिद्ध सूफी संत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। निजामुद्दीन औलिया ने अमीर खुसरो को ‘तुतिए-हिंद’ की उपाधि से विभूषित किया था। अमीर खुसरो का जन्म 1253 ई. में पटियाली (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनका पूरा नाम अबुल हसन यामीन-उद्दीन खुसरो था। इन्होंने दिल्ली के 8 सुल्तानों का कार्यकाल देखा था। बलबन के पुत्र शाहजादा मुहम्मद के समय में अपना साहित्यिक जीवन प्रारम्भ किया था। इनकी प्रमुख रचनाएं निम्नवत् हैं- मसनवी, दीवान, किरान-उस-सादेन, मिफ्ताह-उल-फुतुह, नूह सिपेहर, आशिक, तुगलकनामा, खजाइन-उल-फुतुह।

Explanations:

अमीर खुसरो प्रसिद्ध सूफी संत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। निजामुद्दीन औलिया ने अमीर खुसरो को ‘तुतिए-हिंद’ की उपाधि से विभूषित किया था। अमीर खुसरो का जन्म 1253 ई. में पटियाली (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनका पूरा नाम अबुल हसन यामीन-उद्दीन खुसरो था। इन्होंने दिल्ली के 8 सुल्तानों का कार्यकाल देखा था। बलबन के पुत्र शाहजादा मुहम्मद के समय में अपना साहित्यिक जीवन प्रारम्भ किया था। इनकी प्रमुख रचनाएं निम्नवत् हैं- मसनवी, दीवान, किरान-उस-सादेन, मिफ्ताह-उल-फुतुह, नूह सिपेहर, आशिक, तुगलकनामा, खजाइन-उल-फुतुह।