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Q: वह सिद्धान्त जो विकास को विभिन्न चरणों के तौर पर व्याख्यायित करते हैं, वे मानते हैं कि विकास _____ ।
  • A. निरन्तर होता है
  • B. रुक-रुक कर होता है
  • C. संस्कृति आधारित होता है
  • D. आनुवंशिकता पर आधारित होता है
Correct Answer: Option B - वह सिद्धांत जो विकास को विभिन्न चरणों के तौर पर व्याख्यायित करते हैं, वे मानते हैं कि विकास रुक रुक कर होता है। चरणीय सिद्धांत विकास को विभिन्न चरणों के तौर पर व्याख्यायित करते हैं। विकास का चरणीय सिद्धांत विकास की अनिरन्तरता पर बल देता है क्योंकि विकास के असतत् दृष्टिकोंण का मानना है कि लोग जीवन के ऐसे चरणों से गुजरते हैं जो गुणात्मक रूप से एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। अनिरन्तरता का दृष्टिकोण विकास को अधिक अचानक परिवर्तन के रूप में देखता है, जो कि विभिन्न आयु विशिष्ट जीवन काल में अलग-अलग व्यवहार उत्पन्न करता है, इसे ही चरण कहा जाता है।
B. वह सिद्धांत जो विकास को विभिन्न चरणों के तौर पर व्याख्यायित करते हैं, वे मानते हैं कि विकास रुक रुक कर होता है। चरणीय सिद्धांत विकास को विभिन्न चरणों के तौर पर व्याख्यायित करते हैं। विकास का चरणीय सिद्धांत विकास की अनिरन्तरता पर बल देता है क्योंकि विकास के असतत् दृष्टिकोंण का मानना है कि लोग जीवन के ऐसे चरणों से गुजरते हैं जो गुणात्मक रूप से एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। अनिरन्तरता का दृष्टिकोण विकास को अधिक अचानक परिवर्तन के रूप में देखता है, जो कि विभिन्न आयु विशिष्ट जीवन काल में अलग-अलग व्यवहार उत्पन्न करता है, इसे ही चरण कहा जाता है।

Explanations:

वह सिद्धांत जो विकास को विभिन्न चरणों के तौर पर व्याख्यायित करते हैं, वे मानते हैं कि विकास रुक रुक कर होता है। चरणीय सिद्धांत विकास को विभिन्न चरणों के तौर पर व्याख्यायित करते हैं। विकास का चरणीय सिद्धांत विकास की अनिरन्तरता पर बल देता है क्योंकि विकास के असतत् दृष्टिकोंण का मानना है कि लोग जीवन के ऐसे चरणों से गुजरते हैं जो गुणात्मक रूप से एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। अनिरन्तरता का दृष्टिकोण विकास को अधिक अचानक परिवर्तन के रूप में देखता है, जो कि विभिन्न आयु विशिष्ट जीवन काल में अलग-अलग व्यवहार उत्पन्न करता है, इसे ही चरण कहा जाता है।