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Q: ‘‘त्वं जीवितं त्वमसि मे हृदयं द्वितीयं’’ यह उक्ति है
  • A. जानकी
  • B. मेनका
  • C. वासन्ती
  • D. प्रियम्वदा
Correct Answer: Option C - ‘‘त्वं जीवितं त्वमसि मे हृदयं द्वितीयं’’ अर्थात् ‘‘तुम मेरा जीवन हो, तुम मेरा दूसरा हृदय हो’’ यह उक्ति वासन्ती द्वारा राम के प्रति कही गई है। यह प्रसंग उत्तररामचरितम् के तृतीय अंक (छाया अंक) में वर्णित है।
C. ‘‘त्वं जीवितं त्वमसि मे हृदयं द्वितीयं’’ अर्थात् ‘‘तुम मेरा जीवन हो, तुम मेरा दूसरा हृदय हो’’ यह उक्ति वासन्ती द्वारा राम के प्रति कही गई है। यह प्रसंग उत्तररामचरितम् के तृतीय अंक (छाया अंक) में वर्णित है।

Explanations:

‘‘त्वं जीवितं त्वमसि मे हृदयं द्वितीयं’’ अर्थात् ‘‘तुम मेरा जीवन हो, तुम मेरा दूसरा हृदय हो’’ यह उक्ति वासन्ती द्वारा राम के प्रति कही गई है। यह प्रसंग उत्तररामचरितम् के तृतीय अंक (छाया अंक) में वर्णित है।