Correct Answer:
Option A - व्याख्या अरथ न धरम न काम रुचि, गति न चहौं निर्बान
जनम जनम रति राम पद, यह वरदान न आन।।’
‘रामचरित मानस’ में यह अकांक्षा ‘भरत’ की है। उपर्युक्त पंक्ति रामचरित मानस’ के अयोध्याकाण्ड से उद्धृत है।
A. व्याख्या अरथ न धरम न काम रुचि, गति न चहौं निर्बान
जनम जनम रति राम पद, यह वरदान न आन।।’
‘रामचरित मानस’ में यह अकांक्षा ‘भरत’ की है। उपर्युक्त पंक्ति रामचरित मानस’ के अयोध्याकाण्ड से उद्धृत है।