search
Q: ‘अरथ न धरम न काम रुचि, गति न चहौं निर्वान। जनम जनम रति राम पद, यह वरदान न आन।।’ - ‘रामचरितमानस’ में यह आकांक्षा निम्नलिखित में से किसकी है?
  • A. भरत
  • B. शबरी
  • C. सुग्रीव
  • D. हनुमान्
Correct Answer: Option A - व्याख्या अरथ न धरम न काम रुचि, गति न चहौं निर्बान जनम जनम रति राम पद, यह वरदान न आन।।’ ‘रामचरित मानस’ में यह अकांक्षा ‘भरत’ की है। उपर्युक्त पंक्ति रामचरित मानस’ के अयोध्याकाण्ड से उद्धृत है।
A. व्याख्या अरथ न धरम न काम रुचि, गति न चहौं निर्बान जनम जनम रति राम पद, यह वरदान न आन।।’ ‘रामचरित मानस’ में यह अकांक्षा ‘भरत’ की है। उपर्युक्त पंक्ति रामचरित मानस’ के अयोध्याकाण्ड से उद्धृत है।

Explanations:

व्याख्या अरथ न धरम न काम रुचि, गति न चहौं निर्बान जनम जनम रति राम पद, यह वरदान न आन।।’ ‘रामचरित मानस’ में यह अकांक्षा ‘भरत’ की है। उपर्युक्त पंक्ति रामचरित मानस’ के अयोध्याकाण्ड से उद्धृत है।