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Q: भगवद्गीता महाभारतस्य कस्मिन् पर्वणि विद्यते?
  • A. कर्णपर्वणि
  • B. भीष्मपर्वणि
  • C. शल्यपर्वणि
  • D. द्रोणपर्वणि
Correct Answer: Option B - श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के भीष्म पर्व में स्थित है। महाभारत में 18 पर्व हैं तथा श्रीमद्भगवद्गीता में भी 18 अध्याय है। महाभारत के 18 पर्व इस प्रकार हैं– (1) आदि पर्व (2) सभा पर्व (3) वन पर्व (4) विराट पर्व (5) उद्योग पर्व (6) भीष्म पर्व (7) द्रोण पर्व (8) कर्ण पर्व (9) शल्य पर्व (10) सौप्तिक पर्व (11) स्त्री पर्व (12) शान्ति पर्व (13) अनुशासन पर्व (14) अश्वमेध पर्व (15) आश्रमवासी पर्व (16) मौसल पर्व (17) महाप्रस्थानक पर्व और (18) स्वर्गारोहण पर्व।
B. श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के भीष्म पर्व में स्थित है। महाभारत में 18 पर्व हैं तथा श्रीमद्भगवद्गीता में भी 18 अध्याय है। महाभारत के 18 पर्व इस प्रकार हैं– (1) आदि पर्व (2) सभा पर्व (3) वन पर्व (4) विराट पर्व (5) उद्योग पर्व (6) भीष्म पर्व (7) द्रोण पर्व (8) कर्ण पर्व (9) शल्य पर्व (10) सौप्तिक पर्व (11) स्त्री पर्व (12) शान्ति पर्व (13) अनुशासन पर्व (14) अश्वमेध पर्व (15) आश्रमवासी पर्व (16) मौसल पर्व (17) महाप्रस्थानक पर्व और (18) स्वर्गारोहण पर्व।

Explanations:

श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के भीष्म पर्व में स्थित है। महाभारत में 18 पर्व हैं तथा श्रीमद्भगवद्गीता में भी 18 अध्याय है। महाभारत के 18 पर्व इस प्रकार हैं– (1) आदि पर्व (2) सभा पर्व (3) वन पर्व (4) विराट पर्व (5) उद्योग पर्व (6) भीष्म पर्व (7) द्रोण पर्व (8) कर्ण पर्व (9) शल्य पर्व (10) सौप्तिक पर्व (11) स्त्री पर्व (12) शान्ति पर्व (13) अनुशासन पर्व (14) अश्वमेध पर्व (15) आश्रमवासी पर्व (16) मौसल पर्व (17) महाप्रस्थानक पर्व और (18) स्वर्गारोहण पर्व।