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Q: निर्देश : नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 31 से 36) के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। है अनिश्चित किस जगह पर, सरित गिरि गह्वर मिलेंगे है अनिश्चित किस जगह पर बाग वन सुंदर मिलेंगे। किस जगह यात्रा खत्म हो जाएगी यह भी अनिश्चित है अनिश्चित कब सुमन कब कंटकों के शर मिलेंगे। कौन सहसा छू जाएँगे मिलेंगे कौन सहसा आ पड़े कुछ भी रुकेगा तू न ऐसी आन कर ले। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। कविता में आए ‘सुमन और कंटक’ किस भाव के प्रतीक हैं?
  • A. फूल और काँटे
  • B. बाग और वन
  • C. सुख और दुख
  • D. प्रिय और अप्रिय
Correct Answer: Option C - कविता में उल्लिखित ‘सुमन’ और ‘कंटक’ सुख और दु:ख के प्रतीक हैं। मनुष्य के जीवन में विषाद और आनन्द के कई क्षण आते हैं, जिनसे मानव के जीवन में प्रगतिशीलता और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की क्षमता का विकास होता है।
C. कविता में उल्लिखित ‘सुमन’ और ‘कंटक’ सुख और दु:ख के प्रतीक हैं। मनुष्य के जीवन में विषाद और आनन्द के कई क्षण आते हैं, जिनसे मानव के जीवन में प्रगतिशीलता और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की क्षमता का विकास होता है।

Explanations:

कविता में उल्लिखित ‘सुमन’ और ‘कंटक’ सुख और दु:ख के प्रतीक हैं। मनुष्य के जीवन में विषाद और आनन्द के कई क्षण आते हैं, जिनसे मानव के जीवन में प्रगतिशीलता और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की क्षमता का विकास होता है।