Correct Answer:
Option B - रैयतवाड़ी व्यवस्था 1792 ई. में मद्रास प्रेसीडेन्सी के बारामहल जिले में सर्वप्रथम कर्नल रीड द्वारा लागू की गयी। रैयतवाड़ी व्यवस्था के प्रारंभिक प्रयोग के बाद मुनरो ने इसे 1820 ई. में संपूर्ण मद्रास में लागू कर दिया तथा इसे चलाने के लिए मुनरों को मद्रास का गवर्नर नियुक्त किया गया। 1825 ई. में यह व्यवस्था बंबई में लागू की गई। इस व्यवस्था में कम्पनी तथा रैयतों (किसानों) के बीच सीधा समझौता या संबंध था। राजस्व के निर्धारण तथा लगान वसूली में किसी जमींदार या बिचौलियें की भूमिका नहीं होती थी। किसानों को भूमि का वास्तविक स्वामी माना जाता था तथा लगान न चुकाने की स्थिति में भूमि जब्त की जा सकती थी।
B. रैयतवाड़ी व्यवस्था 1792 ई. में मद्रास प्रेसीडेन्सी के बारामहल जिले में सर्वप्रथम कर्नल रीड द्वारा लागू की गयी। रैयतवाड़ी व्यवस्था के प्रारंभिक प्रयोग के बाद मुनरो ने इसे 1820 ई. में संपूर्ण मद्रास में लागू कर दिया तथा इसे चलाने के लिए मुनरों को मद्रास का गवर्नर नियुक्त किया गया। 1825 ई. में यह व्यवस्था बंबई में लागू की गई। इस व्यवस्था में कम्पनी तथा रैयतों (किसानों) के बीच सीधा समझौता या संबंध था। राजस्व के निर्धारण तथा लगान वसूली में किसी जमींदार या बिचौलियें की भूमिका नहीं होती थी। किसानों को भूमि का वास्तविक स्वामी माना जाता था तथा लगान न चुकाने की स्थिति में भूमि जब्त की जा सकती थी।