Correct Answer:
Option D - अवायुवीय उपचार (Anaerobic Treatment)–अवायुवीय उपचार प्रक्रिया जैविक अपशिष्टों के लिए अधिक उपयुक्त होता है। इस प्रक्रिया में अवायुवीय जीवाणु सीवेज में उपस्थित कार्बनिक पदार्थों को भोजन के रूप में ग्रहण करके अपनी बढ़ोत्तरी करते हैं और उस पर क्रिया करते हैं। इससे जटिल कार्बनिक यौगिक साधारण स्थायी अकार्बनिक पदार्थों ठोस व द्रव में परिवर्तित हो जाते हैं। गैसें- अमोनिया (NH₃), मीथेन (CH₄), हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S) इत्यादि निकलकर वायुमण्डल में चली जाती हैं।
D. अवायुवीय उपचार (Anaerobic Treatment)–अवायुवीय उपचार प्रक्रिया जैविक अपशिष्टों के लिए अधिक उपयुक्त होता है। इस प्रक्रिया में अवायुवीय जीवाणु सीवेज में उपस्थित कार्बनिक पदार्थों को भोजन के रूप में ग्रहण करके अपनी बढ़ोत्तरी करते हैं और उस पर क्रिया करते हैं। इससे जटिल कार्बनिक यौगिक साधारण स्थायी अकार्बनिक पदार्थों ठोस व द्रव में परिवर्तित हो जाते हैं। गैसें- अमोनिया (NH₃), मीथेन (CH₄), हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S) इत्यादि निकलकर वायुमण्डल में चली जाती हैं।