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Q: All muscles which are attached to bones are हड्डियों से जुड़ी हुयी सारी पेशियाँ होती हैं
  • A. Unstriped muscles/ अरेखित पेशी
  • B. Unstriped and srtiped muscles अरेखित पेशी व रेखित पेशी
  • C. Cardiac muscles/ हृदय पेशी
  • D. Only Striped muscles/ केवल रेखित पेशी
Correct Answer: Option D - हड्डियों से जुड़ी हुयी सारी पेशियाँ केवल रेखित पेशी होती है। मानव शरीर में 400 रेखीय पेशियाँ पायी जाती है। अत: इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ भी कहते है। अधिकांश पेशियां अपने दोनों सिरों पर टेण्डन नामक पतली मजबूत डोरी से अस्थियों से जुड़ी होती है। अत: इन्हें कंकालीय पेशियाँ कहते है। अरेखिय पेशियाँ खोखले आंतरांगों (आहारनाल, मूत्रालय, पित्ताशय, श्वासनाओं, गर्भाशय आदि) की दीवारों शिश्न, प्लीहा, नेत्रों त्वचा की डर्मिस आदि में होती है। इनका अस्थियों से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। अत:ये अनैच्छिक पेशियाँ होती है। अनैच्छिक होने के कारण इनमें थकान नहीं होता है। हृदय पेशियाँ केवल हृदय की मांसल भित्तियों में पायी जाती है और शारवान्तिव होती है। इन पेशियों में रेख्ति व अरेखित पेशियों के गुण पाये जाते है।
D. हड्डियों से जुड़ी हुयी सारी पेशियाँ केवल रेखित पेशी होती है। मानव शरीर में 400 रेखीय पेशियाँ पायी जाती है। अत: इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ भी कहते है। अधिकांश पेशियां अपने दोनों सिरों पर टेण्डन नामक पतली मजबूत डोरी से अस्थियों से जुड़ी होती है। अत: इन्हें कंकालीय पेशियाँ कहते है। अरेखिय पेशियाँ खोखले आंतरांगों (आहारनाल, मूत्रालय, पित्ताशय, श्वासनाओं, गर्भाशय आदि) की दीवारों शिश्न, प्लीहा, नेत्रों त्वचा की डर्मिस आदि में होती है। इनका अस्थियों से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। अत:ये अनैच्छिक पेशियाँ होती है। अनैच्छिक होने के कारण इनमें थकान नहीं होता है। हृदय पेशियाँ केवल हृदय की मांसल भित्तियों में पायी जाती है और शारवान्तिव होती है। इन पेशियों में रेख्ति व अरेखित पेशियों के गुण पाये जाते है।

Explanations:

हड्डियों से जुड़ी हुयी सारी पेशियाँ केवल रेखित पेशी होती है। मानव शरीर में 400 रेखीय पेशियाँ पायी जाती है। अत: इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ भी कहते है। अधिकांश पेशियां अपने दोनों सिरों पर टेण्डन नामक पतली मजबूत डोरी से अस्थियों से जुड़ी होती है। अत: इन्हें कंकालीय पेशियाँ कहते है। अरेखिय पेशियाँ खोखले आंतरांगों (आहारनाल, मूत्रालय, पित्ताशय, श्वासनाओं, गर्भाशय आदि) की दीवारों शिश्न, प्लीहा, नेत्रों त्वचा की डर्मिस आदि में होती है। इनका अस्थियों से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। अत:ये अनैच्छिक पेशियाँ होती है। अनैच्छिक होने के कारण इनमें थकान नहीं होता है। हृदय पेशियाँ केवल हृदय की मांसल भित्तियों में पायी जाती है और शारवान्तिव होती है। इन पेशियों में रेख्ति व अरेखित पेशियों के गुण पाये जाते है।