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Q: ‘अभित:’ के योग में विभक्ति प्रयुक्त होती है–
  • A. षष्ठी
  • B. पञ्चमी
  • C. तृतीया
  • D. द्वितीया
Correct Answer: Option D - ‘अभित:- परित:- समया- निकषा- हा- प्रतियोगेऽपि’ वार्तिक अर्थात् अभित: (चारों तरफ), समया (निकट ही), निकषा (निकट), हा (धिक्कार) और प्रति (की तरफ, के लिए) के योग में द्वितीया होती है।
D. ‘अभित:- परित:- समया- निकषा- हा- प्रतियोगेऽपि’ वार्तिक अर्थात् अभित: (चारों तरफ), समया (निकट ही), निकषा (निकट), हा (धिक्कार) और प्रति (की तरफ, के लिए) के योग में द्वितीया होती है।

Explanations:

‘अभित:- परित:- समया- निकषा- हा- प्रतियोगेऽपि’ वार्तिक अर्थात् अभित: (चारों तरफ), समया (निकट ही), निकषा (निकट), हा (धिक्कार) और प्रति (की तरफ, के लिए) के योग में द्वितीया होती है।