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Q: A triangular battle (struggle) for suppremacy centred over Kannauj took place in between 7th and 11th century A.D. This struggle took place between which three kingdoms?/
  • A. Cholas, Cheras and Pandyas/चोल, चेर और पाण्डय
  • B. Pal, Rashtrakuta and Gurjar Pratihar/पाल, राष्ट्रकूट और गुर्जर प्रतिहार
  • C. Ang, Gandhar and Magadh/अंग, गांधार और मगध
  • D. Maurya, Chalukya and Pallavas/मौर्य, चालुक्य और पल्लव
Correct Answer: Option B - भारतीय इतिहास में हर्षवर्धन के शासनकाल से ही कन्नौज पर नियंत्रण उत्तर भारत पर प्रभुत्व का प्रतीक माना जाता था। गुजरात एवं राजपूताना के गुर्जर-प्रतिहार, बंगाल के पाल तथा दक्कन के राष्ट्रकूट का कन्नौज पर आधिपत्य के लिए लगभग 200 वर्षों तक इन तीन महाशक्तियों के बीच होने वाले संघर्ष को ही त्रिपक्षीय संघर्ष कहा गया है। इस संघर्ष में अंतिम सफलता गुर्जर-प्रतिहारों को मिली।
B. भारतीय इतिहास में हर्षवर्धन के शासनकाल से ही कन्नौज पर नियंत्रण उत्तर भारत पर प्रभुत्व का प्रतीक माना जाता था। गुजरात एवं राजपूताना के गुर्जर-प्रतिहार, बंगाल के पाल तथा दक्कन के राष्ट्रकूट का कन्नौज पर आधिपत्य के लिए लगभग 200 वर्षों तक इन तीन महाशक्तियों के बीच होने वाले संघर्ष को ही त्रिपक्षीय संघर्ष कहा गया है। इस संघर्ष में अंतिम सफलता गुर्जर-प्रतिहारों को मिली।

Explanations:

भारतीय इतिहास में हर्षवर्धन के शासनकाल से ही कन्नौज पर नियंत्रण उत्तर भारत पर प्रभुत्व का प्रतीक माना जाता था। गुजरात एवं राजपूताना के गुर्जर-प्रतिहार, बंगाल के पाल तथा दक्कन के राष्ट्रकूट का कन्नौज पर आधिपत्य के लिए लगभग 200 वर्षों तक इन तीन महाशक्तियों के बीच होने वाले संघर्ष को ही त्रिपक्षीय संघर्ष कहा गया है। इस संघर्ष में अंतिम सफलता गुर्जर-प्रतिहारों को मिली।