Correct Answer:
Option B - भारतीय अर्थव्यवस्था में वर्ष 1991 के संकट की उत्पत्ति बाह्य क्षेत्र (External Sector) से हुई थी। वर्ष 1991 में भारत में विदेशी ऋणों के मामले में संकट का सामना करना पड़ा। सरकार अपने विदेशी ऋण के भुगतान करने की स्थिति में नही थी। पेट्रोल आदि आवश्यक वस्तुओं के आयात के लिए सामान्य रूप से रखा गया विदेशी मुद्रा रिजर्व पंद्रह दिनों के लिए आवश्यक आयात का भुगतान करने योग्य भी नहीं बचा था। कोई भी देश या अन्तर्राष्ट्रीय निवेशक भारत में निवेश नही करना चाहता था।
Note: इस संकट से उबरने के लिए भारत सरकार ने विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से 7 बिलियन डॉलर का ऋण उधार लिया, जिसके लिए इन संस्थाओं ने भारत सरकार पर कुछ शर्ते रखीं-
i. सरकार उदारीकरण की नीति अपनाएगी
ii. निजी क्षेत्र पर लगे प्रतिबन्ध हटाएगी
iii. अनेक क्षेत्रों पर सरकारी हस्तक्षेप कम करेगी
iv. भारत और अन्य देशों के बीच विदेशी व्यापार पर लगे प्रतिबन्ध भी हटाएगी।
B. भारतीय अर्थव्यवस्था में वर्ष 1991 के संकट की उत्पत्ति बाह्य क्षेत्र (External Sector) से हुई थी। वर्ष 1991 में भारत में विदेशी ऋणों के मामले में संकट का सामना करना पड़ा। सरकार अपने विदेशी ऋण के भुगतान करने की स्थिति में नही थी। पेट्रोल आदि आवश्यक वस्तुओं के आयात के लिए सामान्य रूप से रखा गया विदेशी मुद्रा रिजर्व पंद्रह दिनों के लिए आवश्यक आयात का भुगतान करने योग्य भी नहीं बचा था। कोई भी देश या अन्तर्राष्ट्रीय निवेशक भारत में निवेश नही करना चाहता था।
Note: इस संकट से उबरने के लिए भारत सरकार ने विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से 7 बिलियन डॉलर का ऋण उधार लिया, जिसके लिए इन संस्थाओं ने भारत सरकार पर कुछ शर्ते रखीं-
i. सरकार उदारीकरण की नीति अपनाएगी
ii. निजी क्षेत्र पर लगे प्रतिबन्ध हटाएगी
iii. अनेक क्षेत्रों पर सरकारी हस्तक्षेप कम करेगी
iv. भारत और अन्य देशों के बीच विदेशी व्यापार पर लगे प्रतिबन्ध भी हटाएगी।