भारतेंदु युग का एक अन्य नाम है-
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र. स. 121 -128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे है और जंगलों को लेकर सिर्फ़ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सके है कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में भयानक गरमी पड़ती है और गेहूँ सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरूआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है। ‘ग्लेशियर’ शब्द है____________।
In order to overcome the accelerating effect of initial setting time concrete at high temperature, which type of admixtures are added to the fresh mix?
निर्देश : अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा 78-81 प्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखतं- जगति परोपकार एव धर्म:। परोपकार-प्रवृत्तो हि धर्मात्मा पुण्यात्मा च अस्ति। उत्तमा: पुरूषा: तु स्वार्थम् उपेक्ष्य अपि परहितसाधनतत्परा: भवन्ति। स्वोदरभरणरता; तु काककुक्करा एवं सन्ति। वयं पश्याम: हि यत् प्रकृति: अपि परहितसाधनपरा वर्तते। वृक्षा: परोपकाराय एवं सुस्वादूनि फलानि फलन्ति। नद्य: परोपकाराय एवं शीतलं जलं वहन्ति। गाव: तु परोपकाराय एवं प्रकृत्या मधुरं पय: दुहन्ति। सर्वत्र एवं प्रकृत्या परोपकारार्थ स्वशरीरमर्पितं क्रियते। अत्रैव शरीरस्य साफल्यम् अस्ति। परोपकाराय एवं पादप: तीव्रतमं स्वमुर्धिर सहमान; स्वाश्रितेभ्य: पथिकेभ्य: छायां विस्तार्य सुखं वितरित। यथा दिनकर: पद्याकरं विकासयति, निशाकर कैरवकुलं विकासयति, मेघ: जलं यच्छति। परोपकारं एवं शरीरस्य सत्यं भूषणमस्ति। अनुच्छेदम् आधृत्य समुचितं शीर्षकं लिखत:।
In a certain code language KNIFE is written as ' MPGHG '. How will ' SWORD ' be written as in that language?
बिहार पवेलियन को 43वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया?
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र. स. 121-128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे है और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सके है कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में भयानक गरमी पड़ती है और गेहूँ सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरूआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है। उदारीकरण के कारण :
‘ऋजु’ का पर्यायवाची शब्द है
Two numbers are 50% and 75% lesser than a third number. By how much percent is the second number to be enhanced to make it equal to the first number ?
निर्देश (258–263) : अधोलिखितं श्लोकम् पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेषु उत्तरं चित्वा लिखत। केयूरा न विभूषयन्ति पुरुषं हारा न चन्द्रोज्ज्वला:। न स्नानं न विलेपनं न कुसुमं नालङ्कृता मूर्धजा:।। वाण्येका समलज्र्रोति पुरुषं या संस्कृता धार्यते। क्षीयन्ते खलु भूषणानि सततं वाग्भूषणं भूषणम्।। ‘नश्यन्ति’ इति अर्थे किम् पदं प्रयुक्तम्?
Explanations:
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