Correct Answer:
Option B - दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1955-1964) में वैक्यूम ट्यूब के बदले ट्रांजिस्टर का उपयोग किया गया था। यह ज्यादा द्रुत, निर्भरयोग्य तथा इसका आकार पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में छोटा था। ट्रांजिस्टर का आकार छोटा, अधिक क्रियाशील तथा सस्ता था। लगभग 40 वैक्यूम ट्यूब की जगह एक ट्रांजिस्टर लगाया जा सकता था, जिससे कंप्यूटर का परिपथ छोटा होता था। इस पीढ़ी का कंप्यूटर कार्य करते समय कम ताप विकिरण करता था।
पहली पीढ़ी के कंप्यूटर (1942-1954) → वैक्यूम ट्यूब
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1964-1975) → समन्वित परिपथ
(Intigrated Circuits)
चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (1975 से अब तक) → माइक्रोप्रोसेसर ,VLSI
पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर (वर्तमान) → VVLSI, AI
B. दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1955-1964) में वैक्यूम ट्यूब के बदले ट्रांजिस्टर का उपयोग किया गया था। यह ज्यादा द्रुत, निर्भरयोग्य तथा इसका आकार पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में छोटा था। ट्रांजिस्टर का आकार छोटा, अधिक क्रियाशील तथा सस्ता था। लगभग 40 वैक्यूम ट्यूब की जगह एक ट्रांजिस्टर लगाया जा सकता था, जिससे कंप्यूटर का परिपथ छोटा होता था। इस पीढ़ी का कंप्यूटर कार्य करते समय कम ताप विकिरण करता था।
पहली पीढ़ी के कंप्यूटर (1942-1954) → वैक्यूम ट्यूब
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1964-1975) → समन्वित परिपथ
(Intigrated Circuits)
चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (1975 से अब तक) → माइक्रोप्रोसेसर ,VLSI
पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर (वर्तमान) → VVLSI, AI