बिहार में ‘किसान सभा गठन’ की औपचारिक घोषणा कब हुई थी?
निर्देश : अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा 121-125 प्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत – स्वराज्यं हि नाम राष्ट्रस्य परमोत्कर्षधायकं तत्त्वम्। सर्वेषां स्वराष्ट्रीय प्रजाजनानां सम्मत्या प्रतिविध्यविधया प्रवर्तितं यद्राज्यं तत्स्वराज्यपदेन व्यपदिश्यते। तादृशस्वराज्योपलब्ध्यर्थमेव जनै: प्रयतितव्यम् इति ऋग्वेदेऽपि समुपदिष्टम्। वेदे स्वराज्य-महिमा वर्णनार्थमेकमखिलं सूक्तमेव पठ्यते तद्धि स्वराज्यसूक्तमिति नाम्ना कथ्यते। अन्यत्रापि बहुत्र स्वराज्य गुणगरिमाऽवलोक्यते। कस्यापि राष्टस्य कृते स्वराज्यसदृशमन्यत् भूतं प्रभूतं वैभवं नास्ति। एतेन ध्वन्यते प्रस्फुटं यत् प्रजातन्त्रं शासनमपि तदेवोत्कृष्टं यत्स्वराज्यसंवलितं भवेत्। एष प्रजातन्त्रप्रसङ्ग: अन्यत्रापि संस्कृतसाहित्ये दरीदृश्यते। प्रायश: वर्षाणां सहस्रद्वयी व्यतीयाय यदा राजनीति निपुण: कौटल्यापरनामधेय: आचार्य चाणक्य: बभूव। तेन कूटनीतिधुरंधरेण एकायत्तं नन्दवंश प्रशासनमुदिश्य मौर्यकुलभूषणं चन्द्रगुप्तं राज्यिंसहासने प्रतिष्ठापयामास। महान् राजनीतिज्ञ: कौटिल्य: चन्द्रगुप्तस्य कृते साम्राज्यधुरं निर्वोढुमर्थशास्त्रविधं लोक विश्रुतं राजनीतितन्त्रं प्रणिनाय। यत्र प्रजातन्त्रपद्धतिमेवावलभ्य राज्यतन्त्रं सञ्चालयितव्यमिति सर्वं सुनिपुणं प्रतिपादितम्। स्वराज्यमस्ति
निर्देश (81-83)- दिये गए निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। लक्ष्मण ने अकृत्रिम भ्रातृस्नेह के कारण बड़े भाई का साथ दिया। उन्होंने राज-पाट छोड़ कर अपना शरीर रामचंद्र को अर्पण किया। यह बहुत बड़ी बात है पर उर्मिला ने इससे भी बढ़कर आत्मोत्सर्ग किया। उसने अपनी आत्मा की अपेक्षा अधिक प्यारा अपना पति राम-जानकी के लिए दे डाला और यह आत्मसुखोत्सर्ग उसने तब किया जब उसे ब्याह कर आये हुए कुछ ही समय हुआ था। उसने अपने सांसारिक सुख के सबसे अच्छे अंश से हाथ धो डाला। जो सुख विवाहोत्तर उसे मिलता उसकी बराबरी 14 वर्ष पति-वियोग के बाद का सुख कभी नहीं कर सकता। नवोढ़त्व को प्राप्त होते ही जिस उर्मिला ने रामचंद्र और जानकी के लिए अपने सुख-सर्वस्व पर पानी डाल दिया उसी के लिए अंतर्दर्शी आदि कवि के शब्द-भण्डार में दरिद्रता। उर्मिला ने क्या बलिदान नहीं दिया?
If ‘A’ letter, ‘addition’ ‘B’ letter, ‘subtraction’ ‘C’ letter, ‘Division’ and ‘D’ letter, 'multiplication' then the value of (7 D 3) B 6 A 5 (20 C 20) ?
Whom did Aurangzeb send to the court of Prithvipat Shah to get Suleman Shikoh ? औरंगजेब ने सुलेमान शिकोह को प्राप्त करने के लिए पृथ्वीपत शाह के दरबार में किसको भेजा था?
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश–
दी गई जानकारी और कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और बताएं कि कथन के संबंध मे कौन-सा विकल्प सही है? यदि कोई धनराशि साधारण ब्याज पर उधार दी जाती है, तो : कथन : 1 यदि ब्याज की दर 16% हो, तो राशि 6 वर्ष में दोगुनी हो जाती है। 2. यदि ब्याज की दर 18% हो, तो राशि 5 वर्ष में दोगुनी हो जाती है।
निर्देश : निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा 95-99 प्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखतं- शतश: सहस्रश: तड़ागा: सहसैव शून्यात् न प्रकटीभूता:। इमे एव तड़ागा: अत्र संसारसागरा: इति। एतेषाम् आयोजनस्य नेपथ्ये निर्मापयितृणाम् एककम् , निर्मातृणां च दशकम् आसीत् । एतत् एककं दशंक च आहत्य शतकं सहस्रं वा रचयत: स्म। परं विगतेषु द्विशतवर्षेषु नूतनपद्धत्या समाजेन यत्किञ्चित् पठितं पठितेन तेन समाजेन एककं दशकं सहस्रकञ्च इत्येतानि शून्ये एव परिवर्तिताति। अस्य नूतनसमाजस्य मनसि इयमपि जिज्ञासा नैव उद्भूता यद् अस्मात्पूर्वम् एतावत: तडागान् के रचयन्ति स्म। एतादृशानि कार्याणि कर्तुं ज्ञानस्य यो नूतन: प्रविधि: विकसित:, तेन प्रविधिनाऽपि पूर्व सम्पादितम् एतत्कार्यं मापयितुं न केनापि प्रयतितम्। अद्य ते आज्ञातनामान: वर्तन्ते, पुरा ते बहुप्रधिता: आसन्। अशेषे हि देशे तडागा: निर्मीयन्ते स्म निर्मातारोऽपि अशेषे देशे निवसन्ति स्म। ‘सम्पूर्णे’ इति अर्थे अत्र किं पदं प्रयुक्तम्?
पाठ्यपुस्तक का महत्व है
गणित की प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित में से सर्वाधिक उपयुक्त कथन कौन-सा है ?
Explanations:
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