Correct Answer:
Option D - हैरोलिकर के अनुसार, ‘‘पाठ्यपुस्तक ज्ञान, अनुभवों, भावनाओं, विचारों तथा प्रवृत्तियों व मूल्यों के संचय का साधन है’’ पाठ्यपुस्तकों का निम्नलिखित महत्व है -
* पाठ्यपुस्तक छात्रों को बाहरी दुनिया से परिचित कराते है।
* पाठ्यपुस्तक दुनिया का ज्ञान प्रदान करते है।
* पाठ्यपुस्तक लिखने और बोलने के कौशल में सुधार हेतु प्रयोग में लाये जाते है।
* पाठ्यपुस्तकें शिक्षण के प्रकरणों की सीमा को निर्धारित करती है।
D. हैरोलिकर के अनुसार, ‘‘पाठ्यपुस्तक ज्ञान, अनुभवों, भावनाओं, विचारों तथा प्रवृत्तियों व मूल्यों के संचय का साधन है’’ पाठ्यपुस्तकों का निम्नलिखित महत्व है -
* पाठ्यपुस्तक छात्रों को बाहरी दुनिया से परिचित कराते है।
* पाठ्यपुस्तक दुनिया का ज्ञान प्रदान करते है।
* पाठ्यपुस्तक लिखने और बोलने के कौशल में सुधार हेतु प्रयोग में लाये जाते है।
* पाठ्यपुस्तकें शिक्षण के प्रकरणों की सीमा को निर्धारित करती है।