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Q: निर्देश (81-83)- दिये गए निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। लक्ष्मण ने अकृत्रिम भ्रातृस्नेह के कारण बड़े भाई का साथ दिया। उन्होंने राज-पाट छोड़ कर अपना शरीर रामचंद्र को अर्पण किया। यह बहुत बड़ी बात है पर उर्मिला ने इससे भी बढ़कर आत्मोत्सर्ग किया। उसने अपनी आत्मा की अपेक्षा अधिक प्यारा अपना पति राम-जानकी के लिए दे डाला और यह आत्मसुखोत्सर्ग उसने तब किया जब उसे ब्याह कर आये हुए कुछ ही समय हुआ था। उसने अपने सांसारिक सुख के सबसे अच्छे अंश से हाथ धो डाला। जो सुख विवाहोत्तर उसे मिलता उसकी बराबरी 14 वर्ष पति-वियोग के बाद का सुख कभी नहीं कर सकता। नवोढ़त्व को प्राप्त होते ही जिस उर्मिला ने रामचंद्र और जानकी के लिए अपने सुख-सर्वस्व पर पानी डाल दिया उसी के लिए अंतर्दर्शी आदि कवि के शब्द-भण्डार में दरिद्रता। उर्मिला ने क्या बलिदान नहीं दिया?
  • A. लक्ष्मण से विवाह किया।
  • B. अपनी बहन सीता का वियोग सहा।
  • C. लक्ष्मण कोे रामचंद्र के साथ वनवास के लिए जाने दिया।
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - उर्मिला का लक्ष्मण के साथ विवाह करना बलिदान नहीं बल्कि उर्मिला के जीवन का प्राप्य था। अपनी बहन सीता का वियोग सहना, लक्ष्मण (अपने पति) को रामचन्द्र के साथ वनवास के लिए जाने देना तथा सांसारिक सुखों का त्याग करना उर्मिला द्वारा किये गये प्रमुख बलिदान हैं।
A. उर्मिला का लक्ष्मण के साथ विवाह करना बलिदान नहीं बल्कि उर्मिला के जीवन का प्राप्य था। अपनी बहन सीता का वियोग सहना, लक्ष्मण (अपने पति) को रामचन्द्र के साथ वनवास के लिए जाने देना तथा सांसारिक सुखों का त्याग करना उर्मिला द्वारा किये गये प्रमुख बलिदान हैं।

Explanations:

उर्मिला का लक्ष्मण के साथ विवाह करना बलिदान नहीं बल्कि उर्मिला के जीवन का प्राप्य था। अपनी बहन सीता का वियोग सहना, लक्ष्मण (अपने पति) को रामचन्द्र के साथ वनवास के लिए जाने देना तथा सांसारिक सुखों का त्याग करना उर्मिला द्वारा किये गये प्रमुख बलिदान हैं।