Correct Answer:
Option B - मृदा का वह स्तर, जहाँ मृदा के कणों के बीच के सारे रिक्त स्थान और चट्टानों के बीच के स्थान जल से भरे होते हैं, भौमजल स्तर कहलाता है। भौमजल स्तर के नीचे पाया जाने वाला जल भौमजल कहलाता है।
* जनसंख्या में वृद्धि, औद्योगिक और कृषि गतिविधियाँ आदि भौमजल स्तर को प्रभावित करने वाले कुछ सामान्य कारक हैं। अल्प वर्षा एक अन्य कारक है, जो भौमजल स्तर को नीचा कर सकता है। भौमजल स्तर को कम करने वाले कारकों में– वनोन्मूलन, नलकूपों की बढ़ती संख्या और जल के अवस्रवण के लिए प्रभावित क्षेत्र में कमी।
B. मृदा का वह स्तर, जहाँ मृदा के कणों के बीच के सारे रिक्त स्थान और चट्टानों के बीच के स्थान जल से भरे होते हैं, भौमजल स्तर कहलाता है। भौमजल स्तर के नीचे पाया जाने वाला जल भौमजल कहलाता है।
* जनसंख्या में वृद्धि, औद्योगिक और कृषि गतिविधियाँ आदि भौमजल स्तर को प्रभावित करने वाले कुछ सामान्य कारक हैं। अल्प वर्षा एक अन्य कारक है, जो भौमजल स्तर को नीचा कर सकता है। भौमजल स्तर को कम करने वाले कारकों में– वनोन्मूलन, नलकूपों की बढ़ती संख्या और जल के अवस्रवण के लिए प्रभावित क्षेत्र में कमी।