Correct Answer:
Option A - सृजनात्मक चिंतन :- सृजनात्मक चिन्तन का आशय मस्तिष्क उद्वेलन की उस प्रकिया से है। जिसमें किसी एक विषय पर अनेक प्रकार के विचार उत्पन्न होते हैं।
गणित में सृजनात्मक चिंतन के विकास के लिए मुख्य प्रक्रमों के भाग निम्न हैं।
पैटर्न तथा संबंधों को पहचानना।
परिकल्पनाएँ बनाना आदि है।
A. सृजनात्मक चिंतन :- सृजनात्मक चिन्तन का आशय मस्तिष्क उद्वेलन की उस प्रकिया से है। जिसमें किसी एक विषय पर अनेक प्रकार के विचार उत्पन्न होते हैं।
गणित में सृजनात्मक चिंतन के विकास के लिए मुख्य प्रक्रमों के भाग निम्न हैं।
पैटर्न तथा संबंधों को पहचानना।
परिकल्पनाएँ बनाना आदि है।