Correct Answer:
Option A - सामवेद को ‘गीत की पुस्तक’, ‘मंत्रोंं का वेद’ या ‘गीत का योग’ कहा जाता है। इसमें कुल मंत्रों की संख्या 1869 है, इनमें से 1474 मंत्र ऋग्वेद से लिये गये है। इसी कारण सामवेद को ऋग्वेद से अभिन्न माना जाता है। यह पद्य में है तथा सूर्य देवता को समर्पित है।
A. सामवेद को ‘गीत की पुस्तक’, ‘मंत्रोंं का वेद’ या ‘गीत का योग’ कहा जाता है। इसमें कुल मंत्रों की संख्या 1869 है, इनमें से 1474 मंत्र ऋग्वेद से लिये गये है। इसी कारण सामवेद को ऋग्वेद से अभिन्न माना जाता है। यह पद्य में है तथा सूर्य देवता को समर्पित है।