search
Q: .
  • A. सूर्य
  • B. चन्द्रमा
  • C. अग्नि
  • D. महासागर
Correct Answer: Option A - पृथ्वी के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है। सूर्य की बाह्य सतह जिसे ‘कोरोना’ के नाम से जाना जाता है इसका तापमान लगभग 6000⁰C होता है। कोरोना की खोज ‘फ्रॉन हॉफर’ ने की थी। सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर पहुँचने में लगभग 8 मिनट 20 सेकेंड लगता है। सूर्य की ऊर्जा की उत्पत्ति का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन है। जिसमें हाइड्रोजन के नाभिक आपस में तकराकर हीलियम बनाते हैं। इस प्रक्रिया में बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। 4हाइड्रोजन नाभिक (प्रोटॉन) → 1 हीलियम नाभिक + ऊर्जा
A. पृथ्वी के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है। सूर्य की बाह्य सतह जिसे ‘कोरोना’ के नाम से जाना जाता है इसका तापमान लगभग 6000⁰C होता है। कोरोना की खोज ‘फ्रॉन हॉफर’ ने की थी। सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर पहुँचने में लगभग 8 मिनट 20 सेकेंड लगता है। सूर्य की ऊर्जा की उत्पत्ति का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन है। जिसमें हाइड्रोजन के नाभिक आपस में तकराकर हीलियम बनाते हैं। इस प्रक्रिया में बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। 4हाइड्रोजन नाभिक (प्रोटॉन) → 1 हीलियम नाभिक + ऊर्जा

Explanations:

पृथ्वी के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है। सूर्य की बाह्य सतह जिसे ‘कोरोना’ के नाम से जाना जाता है इसका तापमान लगभग 6000⁰C होता है। कोरोना की खोज ‘फ्रॉन हॉफर’ ने की थी। सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर पहुँचने में लगभग 8 मिनट 20 सेकेंड लगता है। सूर्य की ऊर्जा की उत्पत्ति का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन है। जिसमें हाइड्रोजन के नाभिक आपस में तकराकर हीलियम बनाते हैं। इस प्रक्रिया में बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। 4हाइड्रोजन नाभिक (प्रोटॉन) → 1 हीलियम नाभिक + ऊर्जा