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Q: सित्तन्नवासल गुफाएँ स्थित हैं–
  • A. केरल में
  • B. कर्नाटक में
  • C. तमिलनाडु में
  • D. आंध प्रदेश में
Correct Answer: Option C - • सित्तन्नवासल गुफा तमिलनाडु के पद्दूकोट्टाई जिले में स्थित है। इन गुफाओं का निर्माण 700-900 ई. के मध्य पाण्ड्य राजाओं ने कराया था। यह जैन धर्म से संबंधित है। • सित्तन्नवासल गुफा मंदिर चट्टानो को काटकर बनाया गया है, जिसका विषय जैन व जैनेतर है जो पूर्णत: लौकिक है। • सित्तन्नवासल शब्द का अर्थ है, जैन सन्तों के सिद्धों का निवास। यूँ तो यहाँ के भित्तिचित्रों की खोज का श्रेय फ्रांसीसी शोधकत्र्ता श्री द्रुबील को ही है किन्तु उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखा है कि सित्तन्नवासल की गुफा को सर्वप्रथम टी.एस. गोपीनाथन ने देखा था।
C. • सित्तन्नवासल गुफा तमिलनाडु के पद्दूकोट्टाई जिले में स्थित है। इन गुफाओं का निर्माण 700-900 ई. के मध्य पाण्ड्य राजाओं ने कराया था। यह जैन धर्म से संबंधित है। • सित्तन्नवासल गुफा मंदिर चट्टानो को काटकर बनाया गया है, जिसका विषय जैन व जैनेतर है जो पूर्णत: लौकिक है। • सित्तन्नवासल शब्द का अर्थ है, जैन सन्तों के सिद्धों का निवास। यूँ तो यहाँ के भित्तिचित्रों की खोज का श्रेय फ्रांसीसी शोधकत्र्ता श्री द्रुबील को ही है किन्तु उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखा है कि सित्तन्नवासल की गुफा को सर्वप्रथम टी.एस. गोपीनाथन ने देखा था।

Explanations:

• सित्तन्नवासल गुफा तमिलनाडु के पद्दूकोट्टाई जिले में स्थित है। इन गुफाओं का निर्माण 700-900 ई. के मध्य पाण्ड्य राजाओं ने कराया था। यह जैन धर्म से संबंधित है। • सित्तन्नवासल गुफा मंदिर चट्टानो को काटकर बनाया गया है, जिसका विषय जैन व जैनेतर है जो पूर्णत: लौकिक है। • सित्तन्नवासल शब्द का अर्थ है, जैन सन्तों के सिद्धों का निवास। यूँ तो यहाँ के भित्तिचित्रों की खोज का श्रेय फ्रांसीसी शोधकत्र्ता श्री द्रुबील को ही है किन्तु उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखा है कि सित्तन्नवासल की गुफा को सर्वप्रथम टी.एस. गोपीनाथन ने देखा था।