Correct Answer:
Option B - अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत व्यवहार के अनुकूलन पर बल देता है। इस सिद्धांत के अनुसार अस्वाभाविक उद्दीपक को स्वाभाविक उद्दीपक के साथ बार–बार प्रस्तुत करने पर प्राणी अस्वाभाविक उद्दीपक के प्रति भी स्वभाविक उद्दीपक जैसी अनुक्रियाएँ करने लगता है। अर्थात् उसकी अनुक्रियाएँ या व्यवहार अस्वभाविक उद्दीपक के साथ अनुकूलित हो जाती हैं।
B. अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत व्यवहार के अनुकूलन पर बल देता है। इस सिद्धांत के अनुसार अस्वाभाविक उद्दीपक को स्वाभाविक उद्दीपक के साथ बार–बार प्रस्तुत करने पर प्राणी अस्वाभाविक उद्दीपक के प्रति भी स्वभाविक उद्दीपक जैसी अनुक्रियाएँ करने लगता है। अर्थात् उसकी अनुक्रियाएँ या व्यवहार अस्वभाविक उद्दीपक के साथ अनुकूलित हो जाती हैं।