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Q: Who were the leaders of Santhal Revolt? ‘सन्थाल विद्रोह’ के नेता कौन थे?
  • A. Jara Bhagat and Balram Bhagat जारा भगत एवं बलराम भगत
  • B. Sidhuand Kanhu /सिद्धू एवं कान्हू
  • C. Gaurakshni Bhagat and keshav Chandra गौरक्षिणी भगत एवं केशवचन्द्र राय
  • D. Shanbhunath Pal and Korra Mallaya शम्भूनाथ पाल एवं कोरा मलाया
Correct Answer: Option B - संथाल विद्रोह जिसे क्षेत्रीय तौर पर ‘‘संथाल-हूल’’ के नाम से जाना जाता है। यह जनजातीय आंदोलनों में संभवत: सबसे व्यापक एवं प्रभावशाली विद्रोह था। यह वर्तमान झारखण्ड के पूर्वी क्षेत्र जिसे संथाल परगना ‘‘दामन-ए-कोह’’ (भागलपुर व राजमहल पहाडि़यों के आस-पास का क्षेत्र) के नाम से जाना जाता है। यह विद्रोह 1855-56 ई. में सिद्धू, कान्हू, चाँद तथा भैरव नाम के चार भाइयों व फूलों तथा झानों नाम की उनकी दो बहनों के नेतृत्व मेें किया गया था। यह आन्दोलन ब्रिटिश शासन द्वारा जनजातीय जीवन शैली, उनकी सामाजिक संरचना व उनकी संस्कृति में हस्तक्षेप करने के विरुद्ध हुआ था।
B. संथाल विद्रोह जिसे क्षेत्रीय तौर पर ‘‘संथाल-हूल’’ के नाम से जाना जाता है। यह जनजातीय आंदोलनों में संभवत: सबसे व्यापक एवं प्रभावशाली विद्रोह था। यह वर्तमान झारखण्ड के पूर्वी क्षेत्र जिसे संथाल परगना ‘‘दामन-ए-कोह’’ (भागलपुर व राजमहल पहाडि़यों के आस-पास का क्षेत्र) के नाम से जाना जाता है। यह विद्रोह 1855-56 ई. में सिद्धू, कान्हू, चाँद तथा भैरव नाम के चार भाइयों व फूलों तथा झानों नाम की उनकी दो बहनों के नेतृत्व मेें किया गया था। यह आन्दोलन ब्रिटिश शासन द्वारा जनजातीय जीवन शैली, उनकी सामाजिक संरचना व उनकी संस्कृति में हस्तक्षेप करने के विरुद्ध हुआ था।

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संथाल विद्रोह जिसे क्षेत्रीय तौर पर ‘‘संथाल-हूल’’ के नाम से जाना जाता है। यह जनजातीय आंदोलनों में संभवत: सबसे व्यापक एवं प्रभावशाली विद्रोह था। यह वर्तमान झारखण्ड के पूर्वी क्षेत्र जिसे संथाल परगना ‘‘दामन-ए-कोह’’ (भागलपुर व राजमहल पहाडि़यों के आस-पास का क्षेत्र) के नाम से जाना जाता है। यह विद्रोह 1855-56 ई. में सिद्धू, कान्हू, चाँद तथा भैरव नाम के चार भाइयों व फूलों तथा झानों नाम की उनकी दो बहनों के नेतृत्व मेें किया गया था। यह आन्दोलन ब्रिटिश शासन द्वारा जनजातीय जीवन शैली, उनकी सामाजिक संरचना व उनकी संस्कृति में हस्तक्षेप करने के विरुद्ध हुआ था।