भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर अपना पहला स्पेसवॉक सफलतापूर्वक पूरा किया।
6 अगस्त 2026 को हुए इस मिशन को यूएस स्पेसवॉक-96 के तहत अंजाम दिया गया, जिसकी अवधि 6 घंटे 27 मिनट रही।
इस दौरान उन्होंने नासा की अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ मिलकर स्टेशन के पावर सिस्टम को बेहतर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
स्पेसवॉक के दौरान दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS के स्टारबोर्ड-6 ट्रस सेक्शन पर काम किया।
उन्होंने 3B पावर चैनल के लिए माउंटिंग हार्डवेयर स्थापित किया, भविष्य में लगाए जाने वाले रोल-आउट सोलर ऐरे (iROSA) के लिए इलेक्ट्रिकल केबलिंग बिछाई और स्ट्रट्स पर मल्टी-लेयर इंसुलेशन लगाया।
इन कार्यों का उद्देश्य अंतरिक्ष स्टेशन की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाना और भविष्य के तकनीकी अपग्रेड के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करना था।
यह स्पेसवॉक 6 अगस्त 2026 को दोपहर 3:00 बजे (EDT) समाप्त हुआ, जो भारतीय समयानुसार 7 अगस्त 2026 की रात 12:30 बजे (IST) के बराबर है।
अनिल मेनन के लिए यह पहला स्पेसवॉक था, जबकि मिशन के लिहाज से यह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के रखरखाव और आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।