केरल का आधिकारिक नाम अब बदलकर ‘केरलम’ कर दिया गया है। यह बदलाव ‘केरल नाम परिवर्तन अधिनियम, 2026’ के तहत किया गया है।
इसके बाद भारतीय संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम ‘केरल’ के स्थान पर ‘केरलम’ दर्ज किया गया है।
राज्य के नाम में परिवर्तन की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत पूरी की गई।
केंद्र सरकार ने 24 फरवरी 2026 को नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इसके बाद जुलाई 2026 में केरल विधानसभा ने इस संबंध में मसौदा प्रस्ताव को स्वीकार किया।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 10 अगस्त 2026 को लोकसभा में ‘केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026’ पेश किया।
लोकसभा ने 11 अगस्त और राज्यसभा ने 12 अगस्त को विधेयक को पारित कर दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 14 अगस्त को इसे मंजूरी दी, जिसके बाद यह कानून बन गया।
इस बदलाव के साथ अब केरल की आधिकारिक संवैधानिक पहचान ‘केरलम’ के रूप में होगी।
राज्य के पारंपरिक मलयालम नाम को आधिकारिक पहचान मिलने के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।