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Q: ‘‘यष्टय: प्रविशन्ति’’ में लक्षणा है
  • A. उपादानलक्षणा
  • B. लक्षणलक्षणा
  • C. शुद्धासारोपा
  • D. गौणी साध्यवसाना
Correct Answer: Option A - ‘यष्टय: प्रविशन्ति’ में उपादान लक्षणा है। उपादान लक्षणा- जहाँ मुख्यार्थ बना रहता है तथा लक्ष्यार्थ का बोध मुख्यार्थ के साथ ही होता है वहाँ ‘उपादान लक्षणा’ होता है।
A. ‘यष्टय: प्रविशन्ति’ में उपादान लक्षणा है। उपादान लक्षणा- जहाँ मुख्यार्थ बना रहता है तथा लक्ष्यार्थ का बोध मुख्यार्थ के साथ ही होता है वहाँ ‘उपादान लक्षणा’ होता है।

Explanations:

‘यष्टय: प्रविशन्ति’ में उपादान लक्षणा है। उपादान लक्षणा- जहाँ मुख्यार्थ बना रहता है तथा लक्ष्यार्थ का बोध मुख्यार्थ के साथ ही होता है वहाँ ‘उपादान लक्षणा’ होता है।