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Q: Why is crop rotation necessary? फसल चक्रण क्यों आवश्यक है?
  • A. To increase the fertility of soil मृदा की उर्वरकता बढ़ाने के लिए।
  • B. To increase the quantity of minerals खनिजो की मात्रा बढ़ाने के लिए
  • C. To reduce the quantity of proteins प्रोटीन की मात्रा कम करने के लिए।
  • D. To plough various type of crops विभिन्न प्रकार की फसलों की जुताई के लिए।
Correct Answer: Option A - फसल चक्रण (Crop rotation)- यह मिट्टी के उर्वरकता में सुधार, मिट्टी के पोषक तत्वों को अनुकूलित करने और कीटों तथा खरपतवारों के दबाव का प्रतिकार करने के लिए एक भूखण्ड में क्रमिक रूप से विभिन्न फसल उगाने की प्रक्रिया है। मृदा की उर्वरकता बढ़ाने के लिए फसल चक्रण की आवश्यकता होती है। अगर हम भूखण्ड पर एक ही प्रकार की फसल उगायेंगे तो मृदा की उर्वरकता कम हो जायेगी।
A. फसल चक्रण (Crop rotation)- यह मिट्टी के उर्वरकता में सुधार, मिट्टी के पोषक तत्वों को अनुकूलित करने और कीटों तथा खरपतवारों के दबाव का प्रतिकार करने के लिए एक भूखण्ड में क्रमिक रूप से विभिन्न फसल उगाने की प्रक्रिया है। मृदा की उर्वरकता बढ़ाने के लिए फसल चक्रण की आवश्यकता होती है। अगर हम भूखण्ड पर एक ही प्रकार की फसल उगायेंगे तो मृदा की उर्वरकता कम हो जायेगी।

Explanations:

फसल चक्रण (Crop rotation)- यह मिट्टी के उर्वरकता में सुधार, मिट्टी के पोषक तत्वों को अनुकूलित करने और कीटों तथा खरपतवारों के दबाव का प्रतिकार करने के लिए एक भूखण्ड में क्रमिक रूप से विभिन्न फसल उगाने की प्रक्रिया है। मृदा की उर्वरकता बढ़ाने के लिए फसल चक्रण की आवश्यकता होती है। अगर हम भूखण्ड पर एक ही प्रकार की फसल उगायेंगे तो मृदा की उर्वरकता कम हो जायेगी।