Correct Answer:
Option A - फसल चक्रण (Crop rotation)- यह मिट्टी के उर्वरकता में सुधार, मिट्टी के पोषक तत्वों को अनुकूलित करने और कीटों तथा खरपतवारों के दबाव का प्रतिकार करने के लिए एक भूखण्ड में क्रमिक रूप से विभिन्न फसल उगाने की प्रक्रिया है।
मृदा की उर्वरकता बढ़ाने के लिए फसल चक्रण की आवश्यकता होती है।
अगर हम भूखण्ड पर एक ही प्रकार की फसल उगायेंगे तो मृदा की उर्वरकता कम हो जायेगी।
A. फसल चक्रण (Crop rotation)- यह मिट्टी के उर्वरकता में सुधार, मिट्टी के पोषक तत्वों को अनुकूलित करने और कीटों तथा खरपतवारों के दबाव का प्रतिकार करने के लिए एक भूखण्ड में क्रमिक रूप से विभिन्न फसल उगाने की प्रक्रिया है।
मृदा की उर्वरकता बढ़ाने के लिए फसल चक्रण की आवश्यकता होती है।
अगर हम भूखण्ड पर एक ही प्रकार की फसल उगायेंगे तो मृदा की उर्वरकता कम हो जायेगी।