Correct Answer:
Option C - ‘कांगड़ा चित्र शैली’ का चित्रकार मोलाराम’ था। कांगड़ा शैली के अन्य चित्रकार खुशाला, मानकू, कुनशलाल व फत्तू थे। इतिहासकार बेडेन पावेल ने लिखा है कि ‘‘पुरखू राजा संसार चन्द के समय का सर्वाधिक निपुण कलाकार था तथा वह रेखांकन में अतिकुशल था। कांगड़ा शैली संसार चन्द के काल में अपने चर्मोत्कर्ष पर पहुँची।
• बसावन अकबर के समय का दरबारी चित्रकार था।
• मंसूर जहाँगीर के काल में पशु-पक्षी तथा वनस्पति चित्रण में सिद्ध हस्त था।
• गोवर्धन शाहजहाँ के समय का चित्रकार था।
C. ‘कांगड़ा चित्र शैली’ का चित्रकार मोलाराम’ था। कांगड़ा शैली के अन्य चित्रकार खुशाला, मानकू, कुनशलाल व फत्तू थे। इतिहासकार बेडेन पावेल ने लिखा है कि ‘‘पुरखू राजा संसार चन्द के समय का सर्वाधिक निपुण कलाकार था तथा वह रेखांकन में अतिकुशल था। कांगड़ा शैली संसार चन्द के काल में अपने चर्मोत्कर्ष पर पहुँची।
• बसावन अकबर के समय का दरबारी चित्रकार था।
• मंसूर जहाँगीर के काल में पशु-पक्षी तथा वनस्पति चित्रण में सिद्ध हस्त था।
• गोवर्धन शाहजहाँ के समय का चित्रकार था।