Explanations:
संयुक्त वन प्रबंधन के लिये प्रथम प्रस्ताव ओडिशा राज्य ने 1988 में पारित किया। भारत में संयुक्त वन प्रबन्धन कार्यक्रम क्षरित वनों के प्रबंध और पुनर्निर्माण में स्थानीय समुदायों की भूमिका के महत्व को उजागर करते हैं। वन विभाग के अंतर्गत ‘‘संयुक्त वन प्रबंधन’’ क्षरित वनों के बचाव के लिए कार्य करता है। इसमें ग्रामीण स्तर पर संस्थाएँ बनायी जाती हैं, जिसमें ग्रामीण और वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से कार्य करते हैं। इसके बदले ये समुदाय मध्यस्तरीय लाभ जैसे-गैर-इमारती वन उत्पादों तथा संरक्षण से प्राप्त इमारती लकड़ी लाभ में भागीदार होते हैं।